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अमेरिका द्वारा ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने के बाद दोनों देशों की दुश्मनी ट्रंप परिवार तक पहुंच गई है। ईरानी स्टेट टीवी ने बैरन ट्रंप को लेकर 95 करोड़ रुपये के इनाम का एक सनसनीखेज वीडियो जारी किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुरानी कड़वाहट से, जिसने हाल के दिनों में एक बेहद डरावना और व्यक्तिगत मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार को ईरान की तरफ से सीधी धमकी दिए जाने की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरानी स्टेट टेलीविजन पर दिखाए गए एक वीडियो में ट्रंप के 20 वर्षीय बेटे बैरन ट्रंप को निशाना बनाने की बात कही गई और उनके बारे में जानकारी देने वाले को 95 करोड़ रुपये का इनाम देने का दावा किया गया। इस वीडियो में बैरन की सुरक्षा और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों का भी जिक्र है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटनाक्रम का अगला अध्याय ईरान के सरकारी चैनल 3 पर देखने को मिला, जहां अचानक 'Where to Kill Barron Trump' शीर्षक से एक वीडियो प्रसारित हुआ। इस क्लिप में दावा किया गया कि ईरानी तंत्र बैरन ट्रंप की दिनचर्या, उनके आने-जाने के रास्तों और उनके सुरक्षा घेरे से अच्छी तरह वाकिफ है। वीडियो में यह भी कहा गया कि बैरन हर वक्त उनकी निगरानी में हैं और उनकी ऑनलाइन गेमिंग व दोस्तों के साथ बातचीत के डिजिटल इनपुट्स भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।
ईरान की तरफ से यह कदम अचानक नहीं उठाया गया; कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रपति की पत्नी मेलानिया ट्रंप को लेकर भी ठीक ऐसा ही एक वीडियो जारी किया गया था। आईआरजीसी से जुड़े मीडिया विंग द्वारा बनाए गए और चैनल 3 पर प्रसारित इस नए वीडियो में 20 साल के बैरन को कहां और कैसे मारा जा सकता है, इसका कथित ब्योरा दिया गया। वीडियो में यह दावा भी जोड़ा गया कि एक लड़की सभी सुरक्षा घेरों को पार करके बैरन के पास तक बैठने में सफल रही थी, जिसका मतलब है कि यह काम मुमकिन है।
वास्तविकता यह है कि मेलानिया और बैरन ट्रंप दोनों ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के सबसे कड़े सुरक्षा कवच के साए में रहते हैं। ट्रंप परिवार से जुड़ी हर जगह पर सुरक्षा इतनी पुख्ता होती है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। लेकिन किसी सरकारी टीवी पर राष्ट्रपति के युवा बेटे की गतिविधियों और सुरक्षा इनपुट्स का इस तरह खुला प्रदर्शन होना अमेरिकी खुफिया तंत्र के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
इस पूरी कहानी के पीछे का असली कारण अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का वह ऐलान है, जिसमें उन्होंने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक शिकंजा कस दिया है। अमेरिका का मकसद ईरान के तमाम वित्तीय रास्ते बंद करना है, लेकिन ईरान भी झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है। तेहरान ने अंतिम चेतावनी देते हुए साफ कह दिया है कि फारस की खाड़ी की नाकेबंदी की जाएगी और होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की एक बूंद भी दुनिया के बाजार में नहीं जाने दी जाएगी।
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