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बुधवार की रात दिल्ली का चाणक्यपुरी इलाका शांत था, तभी पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अचानक बुलडोजर आ गया। देखते ही देखते तय सीमा से बाहर बने बैरिकेड, फेंसिंग और छत की चादरें गिरा दिए गए।

बुधवार की देर रात थी और दिल्ली का चाणक्यपुरी इलाका हमेशा की तरह शांत था। लेकिन यह सन्नाटा उस वक्त टूट गया जब अचानक संबंधित एजेंसियों का दल वहां पहुंच गया। उनके साथ एक JCB मशीन भी थी। उनका निशाना था पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर का वो हिस्सा, जहां तय सीमा से बाहर जाकर कुछ निर्माण कर लिया गया था। अधिकारियों के इशारे पर मशीन गरजी और एक-एक करके वहां के अस्थायी ढांचों को गिराना शुरू कर दिया गया।
जैसे-जैसे रात बीत रही थी, वहां लगे बैरिकेड और सफेद मेटल फेंसिंग को उखाड़ दिया गया। सबसे ज्यादा ढांचे वीजा सेक्शन के पास बने हुए थे, जिनका इस्तेमाल वीजा आवेदकों की कतार और आवाजाही को संभालने के लिए किया जाता था। जब काम पूरा हुआ तो वहां का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। सड़क पर ईंट और कंक्रीट के टुकड़े, लोहे के फ्रेम, टूटी हुई रेलिंग और छत की चादरें बिखरी पड़ी थीं।
अगली सुबह जब रोशनी हुई, तो वहां से गुजरने वालों ने देखा कि वीजा सेक्शन के बाहर का पूरा हिस्सा साफ हो चुका है। पहले जो काउंटर छिप जाते थे, अब वे वीजा सेक्शन के सर्विस काउंटर और अलग-अलग विंडो के बोर्ड सड़क से ही बिल्कुल साफ-साफ नजर आ रहे थे।
हालांकि, इस पूरी कहानी में एक बात का खास ख्याल रखा गया था कि मुख्य इमारत, मेन गेट और सफेद दीवारों को खरोंच तक न आए। वहाँ लगे कांटेदार तार वैसे ही सुरक्षित रहें। लेकिन इस रात की कहानी के तार दो दिन पहले इस्लामाबाद से जुड़ रहे हैं। दरअसल, दो दिन पहले इस्लामाबाद में भी भारतीय हाई कमीशन के बाहर से पार्किंग पोल और सुरक्षा बैरिकेड हटाए गए थे, और अब दिल्ली में हुई इस कार्रवाई ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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