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मंदसौर के सर्जिकल वार्ड की वह रात किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी, जब दबे पांव आया एक कुत्ता मरीज के बिस्तर के पास रखा कीमती हैंडबैग चुरा ले गया। जानिए कैसे CCTV से इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा।
मंदसौर जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड से शुरू होती है, जहां नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के कायमपुर की रहने वाली लताबाई वाल्मीकि एक उम्मीद के साथ अपने बेटे के हाथ का इलाज कराने पहुंची थीं। सब कुछ सामान्य चल रहा था। परिवार के पास एक हैंडबैग था, जिसमें उनके सोने-चांदी के कीमती आभूषण और करीब 2 हजार रुपये की नकदी सहेज कर रखी गई थी। रात का सन्नाटा पसर चुका था और वह हैंडबैग मरीज के बिस्तर के बिल्कुल पास रखा हुआ था। अचानक जब महिला की नजर बिस्तर के पास गई, तो वह हैंडबैग वहां से पूरी तरह गायब था। बैग के इस तरह गायब होने से पूरे परिवार में चिंता की लहर दौड़ गई, जिसके बाद उन्होंने घबराकर तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने इस अनसुलझे रहस्य को सुलझाने की ठानी और जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले अस्पताल परिसर की आंखों, यानी वहां लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगालना शुरू किया। उन्होंने सर्जिकल वार्ड के साथ-साथ बाहर के कॉरिडोर और अस्पताल से निकलने वाले रास्तों की फुटेज को बड़े गौर से देखा। इसी दौरान CCTV की स्क्रीन पर एक ऐसा दृश्य उभरा, जिसने इस पूरी कहानी को ही एक हैरान करने वाले मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। फुटेज में दिखा कि एक आवारा कुत्ता बड़े आराम से सर्जिकल वार्ड के अंदर दाखिल होता है। कुछ ही पलों के बाद, वही कुत्ता अपने मुंह में लताबाई का वह हैंडबैग दबाकर अस्पताल से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया। इस फुटेज ने बैग के गायब होने की पूरी कड़ी को एक ही झटके में समझा दिया।
CCTV फुटेज में कुत्ते के जाने की दिशा बिल्कुल साफ हो चुकी थी, जिसके बाद पुलिस की टीम ने उसी रास्ते के आसपास अपनी तलाश शुरू कर दी। उन्होंने अस्पताल के विशाल परिसर और बाहर के सुनसान इलाके में उस बैग की काफी देर तक तलाश की। पुलिस के इस लंबे प्रयास के बाद आखिरकार वो बैग मिल ही गया और उसके भीतर रखे सोने-चांदी के जेवर व नकदी भी पूरी तरह सुरक्षित मिल गए। अपने कीमती सामान के वापस मिलने के बाद, उस खौफजदा परिवार ने एक लंबी राहत की सांस ली।
सामान तो वापस लौट आया, लेकिन इस पूरी घटना ने जिला अस्पताल की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सर्जिकल वार्ड जैसा हिस्सा, जिसे सबसे संवेदनशील माना जाता है, वहां रात के समय एक आवारा कुत्ते का इतनी आसानी से घुस जाना कई सवाल खड़े करता है। कुत्ते का वहां से एक मरीज का बैग लेकर बिना किसी टोक-टाक के बाहर निकल जाना, अस्पताल की पूरी निगरानी व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
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