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राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास उफनते झिरी नाले में ईको वैन बह जाने से 3 बच्चों और 2 महिलाओं सहित 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला प्रशासन को सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में हुआ ये दर्दनाक हादसा, इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक प्रकट किया है, और सोशल मीडिया के जरिए शोकाकुल परिवारों से अपनी संवेदना भी साझा की है । उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को कहा कि सभी 9 मृतकों के परिवार जनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए , इसके लिए ज़रूरी कार्रवाई तुरन्त की जाए । ये हादसा पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जब झिरी नाले का पानी अचानक उफान पर आ गया और एक ईको वैन पानी के तेज बहाव में बह गई , पलभर में सबकुछ बदल गया ।
अभी ये खबर भी सामने आई कि अस्पताल समय पर पहुँचने की चिंता ने सब कुछ पलटकर रख दिया। बताया जा रहा है कि 15 मिनट रुकने के बाद जब भी नाला उफनता ही जा रहा था, तब कार को पानी में उतार दिया गया। यही वजह बताई जा रही है कि स्थिति हाथ से निकल गई।
दुर्घटना में बचे कार चालक मुकेश सिंह के अनुसार, ये परिवार देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव का है, जो कनावड़ धाम की तरफ जा रहा था (कड़लावद गांव के रास्ते से)। परिवार में एक बीमार महिला थी, जो लकवे से पीड़ित बताई गई थी, और इलाज के लिए लोग जल्दी-जल्दी में थे। पड़ाना के पास निर्माणाधीन 30 फीट लंबे पुल पर नाले का पानी उफान मार रहा था, और यही जगह सबसे खतरनाक साबित हुई ।
ग्रामीणों ने भी पहले ही खतरे भांपकर साफ कहा था कि गाड़ी आगे न ले जाया जाए। परिवार करीब 15 मिनट तक वहां रूका भी, लेकिन फिर भी हड़बड़ी में, मरीज को वक्त पर दिखाने की जल्दी में परिजनों के कहने पर गाड़ी को नाले में उतार दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार ने बताया कि निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा रेलिंग नहीं थी, और पानी के तेज थपेड़ों से कार फिसल कर सीधे गहरे नाले में जा गिरी, फिर वो बहती चली गई । इस हादसे में कार चला रहे मुकेश सिंह और हुकुम सिंह ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई , उन्हें इलाज के लिए सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया ।
उधर परिवार के बाकी 9 सदस्य , जिनमें शंकर सिंह, उनकी पत्नी सागरबाई, रीनू (पत्नी हुकुम सिंह), 3 वर्षीय बालक राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान, पूजा (पत्नी विशाल चौहान), रिशिका और आनंद सिंह शामिल हैं, सबकी हादसे में अकाल मौत हो गई। मृतकों में तीन मासूम बच्चे भी बताए गए हैं।
मामला सामने आते ही SDERF और क्रेन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घटना की सूचना के बाद एसडीएम रोहित बम्होरे, एसडीओपी अरविंद सिंह और थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी पुलिस व प्रशासन की टीम के साथ मौके पर पहुंचे । SDERF की सहायता से सघन बचाव अभियान चला, फिर नाले में जलस्तर कुछ कम होने के बाद क्रेन की मदद से ईको वैन को बाहर निकाला गया। इसके बाद आसपास की तलाश कर सभी शवों को बरामद किया गया।
हादसे के बाद परिजनों के घर में मातम पसरा हुआ है, और पूरी घटना को लेकर लोगों में गुस्सा और सन्नाटा दोनों है।
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