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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की रहस्यमयी मौत ने खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है । 26/11 मुंबई हमले की साजिश से जुड़ा अब्दुल अजीज खाना खाने के तुरंत बाद मस्जिद के गेट पर बेसुध होकर गिर पड़ा ।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की रहस्यमयी हालातों में मौत के बाद खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाविदों के बीच सरगर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है, क्योंकि मामला 8 अगस्त को सामने आया । बताया गया कि एक मस्जिद के प्रवेश द्वार के पास अब्दुल अजीज अचानक बेकाबू होकर बेसुध से हालत में गिर पड़े और वहीं उन्होंने दम तोड़ दिया ।
और फिर, घटना से बस ठीक पहले के कुछ मिनटों का ही खेल है जिसे लेकर शक की सुई इधर-उधर घूम रही है। उसके एक अज्ञात जगह पर भोजन करने और कुछ ही देर बाद मौत हो जाने के बाद “जहर देकर मारने” की आशंका वाले किस्से तेजी से चलने लगे हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक जांच का स्पष्ट निष्कर्ष बाहर नहीं आया इसलिए दिल का दौरा या कोई और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति (मेडिकल इमरजेंसी) की बात भी पूरी तरह रद्द नहीं की जा सकती ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब्दुल अजीज मस्जिद पहुंचने से ठीक पहले किसी गुप्त ठिकाने पर खाना खाकर निकला था । जब वह मस्जिद के मुख्य द्वार तक आया, तभी उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह ज़मीन पर गिर पड़ा। भोजन करने और मौत के बीच इतना कम समय था कि लोग इसे लेकर अटकलों में लग गए, और कई लोग इसे “विषाक्त” कृत्य की ओर झुका हुआ मामला मान रहे हैं । मगर जब तक मेडिकल रिपोर्ट या पोस्टमार्टम वगैरह का पुख्ता डेटा न मिले, तब तक यह कहना मुश्किल रहता है कि यह जहर था या फिर कोई अचानक कार्डियक घटना, या फिर किसी अन्य तरह की आपात वाली परिस्थिति ।
कारी सईद अब्दुल अजीज का नाम, साल 2008 में भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए 26/11 के काले कारनामों की योजना बनाने वाले लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य तंत्र से लंबे समय से जुड़ता रहा है, जिसमें 166 लोगों की जान चली गई थी । इसके अलावा, संगठन के भीतर वह उस खास हिस्से की जिम्मेदारी निभा रहा था जिसका काम जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ों के दौरान मारे गए आतंकियों के परिजनों से लगातार संपर्क रखना और उन्हें वित्तीय मदद पहुंचाना बताया जाता है । इसी वजह से खुफिया एजेंसियां अब्दुल अजीज की मौत के हर कोण को बहुत ध्यान से देख रही हैं, ताकि कोई लिंक छूट न जाए, या कोई दूसरा रास्ता सामने न आ जाए ।
अब्दुल अजीज की संदिग्ध मौत ऐसे वक्त में सामने आई है जब लश्कर से जुड़े वरिष्ठ सदस्य रिजवान हनीफ का एक वीडियो बयान भी चर्चा में है। हनीफ का दावा है कि बीते 3 से 4 वर्षों के दौरान पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे पाकिस्तान तथा PoK के कई शहरों में संगठन के 30 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं । हालांकि, इस बयान और अब्दुल अजीज की मौत के बीच अभी कोई सीधा रिश्ता स्थापित नहीं किया गया है, फिर भी इस घटना ने पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे आतंकी तंत्र की सक्रियता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और खुफिया हल्कों में दबी हुई बेचैनी बढ़ गई है ।
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