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झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर युवाओं में गहरा असंतोष फैल गया है। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र लगातार सड़कों पर उतरकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
झारखंड के शैक्षणिक औऱ प्रशासनिक गलियारों में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर कुछ न कुछ सवाल उठने लगे हैं, जैसे कि बात दब रही थी और अब धीरे धीरे बाहर आ रही है। पूरे राज्य में युवाओं, छात्रों का रोष अब सड़क तक साफ-सा दिख रहा है, और उनका मुख्य कंसर्न ये है कि जेपीएससी (JPSC), जेएसएससी (JSSC) जैसी बड़ी चयन परीक्षाओं में जो कथित अनियमितताएं बार बार सामने आती रहती हैं, उसपर लगाम क्यों नहीं लग रही छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी है, और इसी वजह से मेहनत करने वाले होनहार युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है। कई लोग कहते हैं कि जब सिस्टम भरोसा नहीं देता, तब लोग सड़कों पर आकर अपनी बात रखने को मजबूर हो जाते हैं, बस यही स्थिति है।
युवाओं की सबसे बड़ी तकलीफ ये ही है कि कई साल की कड़ी मेहनत के बाद भी उन्हें निष्पक्षता और पारदर्शिता का वही फायदा नहीं मिल रहा, जो मिलने चाहिए। छात्र लगातार ये मांग कर रहे हैं कि पूरी परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया की हाई लेवल जांच हो, ताकि धांधली पर नियंत्रण लगे और अंक देने का तरीका पारदर्शी हो सके। शासन स्तर पर बातचीत के कुछ दौर हुए, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा या स्पष्ट समाधान सामने नहीं आया। इसी के चलते युवाओं का गुस्सा धीरे-धीरे और गहरा होता जा रहा है।
अब मामला परीक्षा व्यवस्था से निकलकर राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ तक पहुँच गया है। पुरानी विधानसभा के पास, विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प, और फिर लाठीचार्ज के बाद हालात काबू से बाहर जैसे हो गए। मंगलवार को भाजपा ने राज्यव्यापी बंद बुलाया, जिसमें जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ, और सड़कों पर कड़ा विरोध भी देखने को मिला। एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पूरे घटनाक्रम और आंदोलन को लेकर विपक्ष पर आरोप लगाया है, उनका कहना है कि विपक्ष युवाओं को राजनीतिक स्वार्थ के लिए भटकाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन दूसरी तरफ छात्र अपनी मांगों पर जमे हुए हैं, और पीछे हटने के मूड में नहीं दिखते। ऐसे में झारखंड के युवाओं का आगे का रास्ता, और प्रशासनिक पारदर्शिता का सवाल… दोनों मिलकर एक अनसुलझी पहेली बनकर रह गए हैं।
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