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मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के समझौते के बाद ग्वालियर में देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित होगा। परियोजना से निवेश, उद्योग और हजारों रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश तकनीक और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के बाद ग्वालियर में देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना से प्रदेश में बड़े निवेश के साथ रोजगार और आधुनिक उद्योगों के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्वालियर में करीब 170 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित किया जाएगा। यहां 5G, 6G और अन्य आधुनिक डिजिटल तकनीकों से जुड़े उपकरणों का निर्माण होगा। परियोजना के पहले चरण में करीब 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे लगभग 4500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। भविष्य में इस संख्या को 8 से 9 हजार स्थायी रोजगार तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह देश की पहली ऐसी टेलीकॉम इंडस्ट्रियल सुविधा होगी, जहां किसी उत्पाद की डिजाइनिंग, निर्माण, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट तक की पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में पूरी की जाएगी। इससे उद्योगों की लागत कम होगी और उत्पादन प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी।
परियोजना को प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उद्योग लगाने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध रहेंगी, जिससे कंपनियां कम समय में अपनी उत्पादन इकाइयां शुरू कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य मध्य प्रदेश को टेलीकॉम उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।
परियोजना के तहत 5G, भविष्य की 6G तकनीक, ऑप्टिकल फाइबर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), नेटवर्किंग हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी तकनीकी विकास को मजबूती मिलने की संभावना है।
परियोजना के लिए केंद्र सरकार करीब 500 करोड़ रुपये की सहायता देगी। वहीं मध्य प्रदेश सरकार भूमि उपलब्ध कराने के साथ निवेशकों को 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी रिइम्बर्समेंट और बिजली शुल्क में विशेष सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। सरकार का मानना है कि इससे बड़े उद्योग प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना मध्य प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करेगी।
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निवेशकों के सामने आने वाली प्रशासनिक और नीतिगत चुनौतियों को दूर करेंगी। उन्होंने बताया कि लंबे प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है।
ग्वालियर की मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। दिल्ली और आगरा जैसे बड़े शहरों से बेहतर संपर्क होने के कारण उद्योगों को लॉजिस्टिक्स में सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना मध्य प्रदेश को केवल मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि रिसर्च, डिजाइन और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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