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शुक्रवार को भोपाल के कोलार इलाके से शुरू होकर संत नगर तक 32 किलोमीटर की भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। सीएम मोहन यादव ने इसमें 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित किया। इस कहानी में देवास की उस घटना का भी जिक्र है जहां मधुमक्खियों के हमले में 12 लोग घायल हो गए।
शुक्रवार की सुबह भोपाल का कोलार वाला इलाका एकदम अलग ही किस्म की ऊर्जा से भरा हुआ था, बस ऐसा लग रहा था जैसे हवा में भी तिरंगा घुल गया हो। सिक्स लेन पर स्थित मदर टेरेसा स्कूल के सामने देशभक्ति के गीत चल रहे थे, और तिरंगों की छटा देखो तो रुकने का मन ही नहीं करता। यहीं से शुरू हुई थी वो 32 किलोमीटर लंबी विशाल तिरंगा यात्रा , जिसे आगे चलकर इतिहास के पन्नों में दर्ज भी किया जाना था । जैसे जैसे दिन चढ़ा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा उस यात्रा के रथ पर जा बैठे। फिर करीब 50 हजार पंजीकृत वाहन और लगभग एक लाख लोग… मतलब भीड़ नहीं, एक बड़ा जनसमुद्र ही उमड़ पड़ा था।
जैसे-जैसे ये काफिला कोलार से आगे सरकता गया , शहरवासियों ने 1100 से अधिक स्वागत मंचों के जरिए उसका स्वागत किया। उन मंचों में से एक पर ठहरते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ पल इतिहास की तरफ आंखें घुमा दीं। उन्होंने देश के विभाजन के उस दर्दनाक दौर का ज़िक्र किया, जब लाखों परिवारों को अपना सब कुछ छोड़कर एकदम नए सिरे से जीवन गढ़ना पड़ा था। उसी दर्द की फीलिंग को सामने रखकर उन्होंने वर्तमान पाकिस्तान की आर्थिक दुर्दशा और वहां की परेशानियों पर चुभता सा तंज भी कस दिया।
यात्रा के दौरान सीएम ने भारत की मौजूदा ताकत का भी खुलकर बखान किया। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश इतना सक्षम हो गया है कि वह दुश्मन के इलाके में घुसकर सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। युवाओं की भारी भीड़ को देखकर मुख्यमंत्री कुछ ऐसे गदगद हुए कि उन्होंने तिरंगे के साये में एक बड़ा एलान कर ही दिया । कहा गया कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाएगी, जिसमें रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के रास्ते खुलेंगे। साथ ही उन्होंने नशामुक्ति को लेकर भी संदेश दिया , कि इसी राह पर चलना है।
शाम का रंग चढ़ते-चढ़ते ये 32 किलोमीटर का सफर संत नगर की भैंसाखेड़ी मंडी तक पहुंच गया और वहाँ भव्य समापन हुआ। लेकिन… ठीक इसी बीच मध्य प्रदेश के देवास से एक अप्रिय खबर भी आ गई। देवास में भी उसी तरह की तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी, तभी यात्रा में शामिल एक डीजे वाहन ने संतुलन खो दिया और सीधे एक पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज़ थी कि पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता टूट गया, और फिर झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया। इस अफरातफरी वाले हादसे में 12 लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया। भोपाल के जश्न के बीच देवास की ये घटना यात्रा की कहानी में एक बेहद दुखभरा मोड़ बनकर जुड़ गई।
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