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माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में नए सत्र की शुरुआत पर 'अभ्युदय 2026' का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 50 हस्तियों की मौजूदगी में संस्थान के 36 साल के सफर, लोकतंत्र में पत्रकारिता की धार और भविष्य के तकनीकी विकास पर विस्तार से बात की।
भोपाल के शैक्षणिक गलियारों में वह दिन एक खास रौनक के साथ आया, जब माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में नए सत्र के स्वागत की खातिर ‘अभ्युदय 2026’ कार्यक्रम का एकदम भव्य आयोजन हो गया। परिसर के भीतर छात्रों की हलचल और उत्साह, बस कहना मुश्किल था, और उसी बीच मंच पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंच गए। इस मौके की चमक को थोड़ा और बढ़ाने के लिए वहां प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कलाकार पीयूष मिश्रा समेत 50 से अधिक जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं । मुख्यमंत्री ने माइक संभालते ही पत्रकारिता शिक्षा, विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और इसके आने वाले विकास की लंबी सी कहानी सुना डाली, मानो पूरी बात एक सांस में निकली हो ।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वविद्यालय के उस सुनहरे सफर को याद किया, जो पिछले 36 वर्षों से लगातार, अनवरत रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन 36 सालों के दौरान माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से निकली प्रतिभाओं ने देश और दुनिया में अलग ही पहचान बना ली। जाहिर है, यह सब संस्थान की लगन और मेहनत का नतीजा है , जिसने पत्रकारिता और संचार के क्षेत्र में इतनी मजबूत साख खड़ी की।
फिर बात आगे बढ़ी, और सीएम ने उसी विषय को छुआ जिसकी धड़कन, शायद इसी संस्थान में बसती है—पत्रकारिता। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी धार की तरह पेश किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को यह भी समझाया कि आखिर पत्रकारिता समाज को जागरूक रखने में कैसे मदद करती है और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में भी उसकी भूमिका क्या रहती है। सीएम ने इस विश्वविद्यालय को पत्रकारों के लिए एक पवित्र मंदिर जैसी जगह भी कहा और उन पत्रकारों का जिक्र किया, जिन्होंने समाज में बदलाव की दिशा में असरदार काम किया।
जैसे-जैसे कार्यक्रम रफ्तार पकड़ता गया, डॉ. मोहन यादव ने भविष्य का नक्शा भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और संस्थागत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इस बदलते दौर में, उन्होंने जोर देकर कहा कि पत्रकारिता शिक्षा के साथ-साथ नई तकनीक और संचार के आधुनिक माध्यमों को भी आगे बढ़ाना जरूरी है।
‘अभ्युदय 2026’ के इस पूरे माहौल के गवाह बने पीयूष मिश्रा सहित वे 50 से अधिक प्रमुख हस्तियां, जिनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम में रौनक जोड़ दी। यहां विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, और अन्य गणमान्य लोग भी इस पल को महसूस कर रहे थे। कार्यक्रम में एक तरफ नए सत्र की दस्तक थी, और दूसरी तरफ पत्रकारिता शिक्षा की अहमियत तथा विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य पर पूरा ध्यान टिका हुआ था।
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