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2026 के स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में एक भावुक और ऊर्जावान माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झांसी की रानी से लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व तक की क्रमिक कहानी जनता के सामने रखी। हेमंत खंडेलवाल ने 2047 तक भारत के विकसित होने का विश्वास जताया।
साल 2026 के स्वतंत्रता दिवस की सुबह राजधानी भोपाल के लिए एक अलग ही ऊर्जा और गौरव लेकर आई। आसमान में लहराते तिरंगे के बीच, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंच पर पहुंचे, तो वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें देशप्रेम से चमक उठीं। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए सीएम ने भारत के उस उज्जवल भविष्य की तस्वीर पेश की, जो आज दुनिया भर में अपनी एक सर्वथा अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि आज हमारा देश सबसे बेहतरीन को हासिल करने के लिए दुनिया के साथ कदमताल कर रहा है।
अपने भाषण के क्रम को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री ने भोपालवासियों को इतिहास के उस दौर में ले जाने का प्रयास किया, जब देश जंजीरों में जकड़ा था। उन्होंने भावुक होकर याद दिलाया कि इस आजादी को पाने के लिए देश में एक बहुत लंबी लड़ाई लड़ी गई है। वीरांगना झांसी की रानी से लेकर अनगिनत अनाम क्रांतिकारियों की कुर्बानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने माहौल को और भी देशभक्तिपूर्ण बना दिया। इसी दौरान, उन्होंने उस कठिन काल का भी उल्लेख किया जब हमारे देश पर चोट करने के प्रयास किए गए थे, और बताया कि कैसे उस दौर में प्रवासी भारतीयों ने भी अपने वतन के लिए एक बड़ी भूमिका निभाई थी।
कहानी को वर्तमान से जोड़ते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का युग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का युग है, जिसमें पूरी दुनिया भारत के असली सामर्थ्य से परिचित हो रही है। उन्होंने कहा कि आज का भारत मानवता की स्थापना के लिए दुनिया भर में संघर्ष कर रहा है और आगे बढ़ रहा है। इसी सुनहरी कहानी के समापन की ओर बढ़ते हुए, हेमंत खंडेलवाल ने माइक संभाला। उन्होंने उन हजारों लोगों की कुर्बानी को याद किया जिनकी बदौलत आज हम आजाद हैं। सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने एक नया सपना बोया—"2047 तक भारत एक विकसित देश बनेगा।"
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