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भोपाल BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 में 'भोपाल घोषणा' स्वीकार की गई। प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा और सांची तथा भीमबेटका का भ्रमण किया।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को संपन्न हुए चार दिवसीय BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 में केवल कूटनीतिक और रणनीतिक समझौतों पर ही मुहर नहीं लगी, बल्कि राज्य की खानपान और ऐतिहासिक विरासत की अमिट छाप भी वैश्विक मंच पर छूटी। 'भोपाल घोषणा' को सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाने के साथ संपन्न हुए इस 11वें BRICS संस्कृति ट्रैक सम्मेलन के दौरान 14 देशों के प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश की समृद्ध कला, स्थापत्य और पाक-कला का सजीव अनुभव किया।
विदेशी मेहमानों के लिए स्थानीय व्यंजनों का विशेष आतिथ्य
सम्मेलन में भाग लेने आए BRICS देशों के संस्कृति मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों का स्वागत मध्य प्रदेश की पारंपरिक खानपान शैली से किया गया। अतिथियों के लिए तैयार विशेष मेन्यू में राज्य के प्रसिद्ध स्थानीय और मिलेट आधारित व्यंजन परोसे गए:
सांची की बौद्ध विरासत और भीमबेटका की प्रागैतिहासिक शैल कला
आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का एक विशेष गाइडेड टूर आयोजित किया गया, जहाँ उन्होंने बौद्ध स्थापत्य कला की बारीकियों को समझा। प्रतिनिधियों ने चेतियागिरी मंदिर में दर्शन किए, योग व ध्यान सत्रों में सहभागिता की और शाम को 3D प्रोजेक्शन मैपिंग व लाइट एंड साउंड शो के ज़रिए बौद्ध इतिहास का अवलोकन किया। इसके साथ ही प्रतिनिधियों के प्रस्थान से पूर्व भारत की प्रागैतिहासिक शैल कला के केंद्र भीमबेटका शैलाश्रय के भ्रमण की व्यवस्था की गई, जहाँ वे हजारों वर्ष पुरानी रॉक आर्ट का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे।
भोपाल घोषणापत्र में संस्कृति, तकनीक और कलाकारों का समन्वय
'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता' थीम पर आधारित इस सम्मेलन के अंतिम दिन BRICS देशों के संस्कृति मंत्रियों ने 'भोपाल घोषणा' को मंजूरी दी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि इस 11वीं बैठक में 11 देशों के 55 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें पहली बार समयबद्ध सांस्कृतिक लक्ष्य तय किए गए।
घोषणा पत्र के प्रमुख नीतिगत बिंदु:
वाराणसी से भोपाल तक का कूटनीतिक सफर
भारत की अध्यक्षीय अगुवाई में अप्रैल में ऑनलाइन बैठक से शुरू हुई यह प्रक्रिया जून में वाराणसी और अगस्त में भोपाल कार्य समूह की बैठकों से गुजरते हुए 8 अगस्त को मंत्रियों की बैठक के साथ पूरी हुई। मंत्री स्तरीय बैठक में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र (ऑनलाइन), इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका व यूएई सहित 10 सदस्य देशों और बेलारूस, क्यूबा, कजाखस्तान व थाईलैंड जैसे 4 साझेदार देशों ने हिस्सा लिया।
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