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भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन के अंतिम दिन मंत्रियों की बैठक होगी। इसके बाद सांची और अगले दिन भीमबेटका का भ्रमण होगा।
भोपाल। भोपाल में 5 अगस्त से चल रहा ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन आज अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचने वाला है। ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक मंत्री एक अहम, महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे, जहां संस्कृति विरासत और रचनात्मक अर्थव्यवस्था से जुड़े कई जरूरी बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा, ठीक-ठाक तरह से। उसके बाद सब मंत्री विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का भ्रमण करेंगे। सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को मध्यप्रदेश की कला संस्कृति और परंपराओं की एक झलक भी देखने को मिली , जो काफी खास रही।
ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक मंत्री आज की बैठक में संस्कृति, विरासत और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही लोगों को संस्कृति के साथ जोड़ना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने पर भी बात होगी। बैठक का लक्ष्य ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और पुख्ता करना बताया जा रहा है। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव और विचार आपस में साझा करेंगे, इसमें और क्या…
बैठक के बाद ब्रिक्स देशों के सभी सांस्कृतिक मंत्री सांची के लिए निकलेंगे। सांची ऐतिहासिक बौद्ध स्मारकों और स्तूपों के लिए दुनियाभर में खासी पहचान रखता है। यहां विदेशी मेहमान मध्य प्रदेश की प्राचीन विरासत और स्थापत्य शैली को नज़दीक से देखेंगे। ऐसे में यह भ्रमण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का अहम मौका माना जा रहा है।
सम्मेलन में शामिल सांस्कृतिक मंत्रियों के लिए मुख्यमंत्री के साथ लंच का इंतज़ाम किया जाएगा। मेहमानों के लंच और डिनर में मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों की विशेष व्यवस्था रहेगी। मेन्यू में दाल-बाफले और लड्डू समेत कई स्थानीय पकवान शामिल बताए गए हैं। इन व्यंजनों के जरिए विदेशी मेहमानों को प्रदेश के खान-पान और स्थानीय स्वाद से रूबरू कराया जाएगा, बगैर ज्यादा तामझाम के।
सम्मेलन के दौरान बीती रात एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इसमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं की अलग-अलग झलकियां देखने को मिलीं। भोपाल में 5 अगस्त से शुरू हुए इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तरह-तरह के कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया।
सम्मेलन का आज अंतिम दिन है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक मंत्री कल भीमबेटका जाएंगे। भीमबेटका अपने प्राचीन शैलचित्रों और पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है, इसलिए ये पड़ाव भी काफी अहम माना जा रहा है |उसके बाद सभी प्रतिनिधि भोपाल से रवाना हो जाएंगे। इस तरह सम्मेलन का समापन मध्यप्रदेश की प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के भ्रमण के साथ होगा।
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