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Ujjain Municipal Corporation: महाकाल सवारी से पहले उज्जैन नगर निगम ने सवारी मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। नालियों पर बने अवैध निर्माण जेसीबी से हटाए गए। कार्रवाई का कुछ व्यापारियों ने विरोध भी किया।
Ujjain Municipal Corporation: उज्जैन। बाबा महाकाल की 3 अगस्त को निकलने वाली सवारी से पहले नगर निगम ने सवारी मार्ग को साफ और व्यवस्थित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को निगम की टीम ने गोपाल मंदिर, छत्री चौक, पटनी बाजार, कमरी मार्ग और होटल वाली गली समेत कई इलाकों में नालियों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए।
नगर निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से नालियों पर बने अस्थायी निर्माण और दूसरे कब्जे तोड़े। कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध भी किया। अधिकारियों ने व्यापारियों को समझाया, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का काम दोबारा शुरू कर दिया गया।
बाबा महाकाल की सवारी में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी लाखों लोगों के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन सवारी मार्ग पर किसी तरह की रुकावट नहीं चाहता।
इसी को देखते हुए नगर निगम ने सवारी मार्ग के आसपास नालियों और रास्ते पर किए गए कब्जों को हटाना शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि सवारी के दौरान भीड़ को देखते हुए रास्ता खुला और सुरक्षित रखना जरूरी है।
सवारी मार्ग को लेकर प्रशासन के सामने सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियां भी हैं। रामघाट पर रिटर्निंग वॉल बनाई गई है। कुछ दिन पहले यहां एक मकान भी गिर गया था।
इसके बाद नगर निगम भोपाल की MANIT टीम की मदद से सवारी मार्ग के आसपास मौजूद जर्जर मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि सवारी के दौरान किसी कमजोर मकान से कोई खतरा न हो।
सवारी मार्ग पर बिजली से जुड़ी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है। बिजली के खंभों पर करंट फैलने से रोकने के लिए MPEB की ओर से प्लास्टिक कवर लगाए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि सवारी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़ यात्री रास्तों से गुजरेंगे। ऐसे में बिजली, मकान और अतिक्रमण से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी को पहले ही दूर किया जा रहा है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई। नगर निगम की टीम में भवन अधिकारी राजकुमार राठौर, भवन निरीक्षक शिवम गुप्ता, रिमूवल गैंग प्रभारी मोनू थनवार और अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
प्रशासन का लक्ष्य महाकाल सवारी से पहले पूरे मार्ग को व्यवस्थित करना है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो और सवारी शांतिपूर्ण तरीके से निकल सके।
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