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मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक जवाबदेही और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026’ शुरू कर रही है। इसकी शुरुआत 7 अगस्त को छिंदवाड़ा से होगी, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधे शिकायतकर्ताओं से संवाद करेंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026’ के जरिए प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद की नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। अभियान की शुरुआत 7 अगस्त को छिंदवाड़ा जिले से होगी। पहले ही चरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिला स्तरीय ‘समाधान कार्यक्रम’ में शामिल होकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज चयनित शिकायतकर्ताओं से आमने-सामने बातचीत करेंगे। सरकार का लक्ष्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को भी मजबूत बनाना है।
अभियान के संचालन को लेकर लोक सेवा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने छिंदवाड़ा कलेक्टर को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार विभिन्न विभागों से प्राप्त 20 से 25 शिकायतों का चयन किया जाएगा। इन शिकायतों का परीक्षण कर उनका निराकरण 5 अगस्त तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके बाद चयनित शिकायतकर्ताओं को समाधान कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री सीधे उनसे फीडबैक लेंगे।
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि संबंधित विभागों के अधिकारी भी मुख्यमंत्री के समक्ष मौजूद रहेंगे। वे अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों की स्थिति स्पष्ट करेंगे और किए गए निराकरण की जानकारी देंगे।
पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। सरकार का मानना है कि इससे शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छिंदवाड़ा दौरे के दौरान जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
बैठक में जिले के विकास कार्यों, निवेश की संभावनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा सकती है। प्रशासन को सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य मंत्रिपरिषद की हालिया बैठक में ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026’ शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इस अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे।
इन दौरों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और नागरिकों की शिकायतों के प्रभावी समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि नियमित जिला भ्रमण और प्रत्यक्ष संवाद की यह व्यवस्था सुशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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