Loading...
Loading...
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में छात्रावास अधीक्षिका के निलंबन के विरोध में करीब 250 छात्राएं 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। प्रशासन ने उन्हें समझाइश देते हुए निलंबन की वजह आर्थिक अनियमितताओं और वित्तीय गबन के आरोप बताए।

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मंगलवार को मेनगांव स्थित कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास की करीब 250 छात्राओं ने अधीक्षिका अंकिता खोड़े के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्राएं राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं और प्रभारी कलेक्टर से मुलाकात की मांग पर अड़ी रहीं।
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं ने सबसे पहले अधीक्षिका अंकिता खोड़े को बहाल करने और पूरे मामले की दोबारा जांच कराने की मांग रखी। इसके बाद जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त ने छात्राओं को निलंबन के कारणों की जानकारी दी। इस दौरान छात्राओं ने छात्रावास में सुविधाओं की कमी और अन्य समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्राओं को रास्ते में समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे प्रभारी कलेक्टर रेखा राठौर से मिलने की मांग पर कायम रहीं। इसके बाद छात्राएं पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंच गईं, जहां अधिकारियों ने उनसे बातचीत कर स्थिति शांत कराने की कोशिश की।
मामले में एसडीएम सत्येंद्र बैरवा ने बताया कि छात्रावास अधीक्षिका अंकिता खोड़े को आर्थिक अनियमितताओं और वित्तीय गबन के आरोपों के चलते निलंबित किया गया है। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि निलंबन एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी। साथ ही छात्राओं से पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील भी की।
इस घटना के बाद छात्रावासों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, छात्रावासों में सुविधाओं की कमी, प्रशासनिक समस्याएं और कर्मचारियों के बीच आपसी विवाद जैसी स्थितियों का असर कई बार छात्रों पर भी पड़ता है। शिक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों का इस तरह सड़क पर उतरना व्यवस्था के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है।
पहली टिप्पणी करने वाले बनें!
हमारे साथ जुड़ें
ताज़ा ख़बरों और अपडेट्स के लिए हमारे इंस्टाग्राम पेज को फॉलो करें और हमारे कम्युनिटी का हिस्सा बनें।
फॉलो करें