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CM Mohan Yadav: झाबुआ में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से ऑनलाइन चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर काम कर रही है।
CM Mohan Yadav: झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को झाबुआ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों से ऑनलाइन चर्चा की है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए आधुनिक तकनीक के साथ प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन किसानों की मदद के लिए तैयार रहे। उन्होंने बताया कि किसानों को 3 लाख रुपए तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। वहीं, सिर्फ 5 रुपए में बिजली कनेक्शन और डेयरी विकास की योजनाओं में 33 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
सीएम ने बताया कि झाबुआ में करीब 3,125 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जिले में 50 कृषि सखियों का चयन भी किया गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रमाणीकरण भी कराया जा रहा है।
'एक जिला-एक उत्पाद' योजना के तहत झाबुआ के कड़कनाथ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, खरीफ 2026 में जिले में अब तक 23 हजार 230 हेक्टेयर में कपास की बोवनी हो चुकी है, जो पिछले साल से करीब 16 प्रतिशत ज्यादा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार के बदनावर में बन रहा पीएम मित्रा पार्क कपास किसानों के लिए फायदेमंद होगा। इससे किसानों को 'खेत से कारखाने' तक की सुविधा मिल सकेगी।
साथ ही उन्होंने पेटलावद की टमाटर प्रसंस्करण इकाई का भी जिक्र करते हुए बताया कि जिले में करीब 2,812 हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है। यहां टमाटर से सॉस और केचअप बनाने के साथ डिहाइड्रेशन का काम भी हो रहा है। झाबुआ का टमाटर देश के कई राज्यों में भेजा जा रहा है।
नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पूरी होने के बाद करीब 32 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी। इससे लगभग 50 हजार किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
बलराम कृषि महोत्सव-2026 के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 13 नवंबर तक कार्यक्रम होंगे। महोत्सव में किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इस अभियान में किसानों को प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण, एफपीओ और कृषि उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद किसानों की आय बढ़ाना और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाना है।
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